ह्रदय – हार्ट – Heart – दिल क्या है? जानिये प्रश्न उत्तर से


ह्रदय क्या है?

ह्रदय एक मुट्ठी के आकार का (या उससे थोड़ा बड़ा) अंग है,
जो आपके पूरे शरीर में रक्त पंप करता है।

यह शरीर के सर्कुलेटरी सिस्टम अर्थात
परिसंचरण तंत्र का प्राथमिक अंग है।


हृदय कहाँ स्थित होता है?

ह्रदय यानी की दिल,
छाती में, फेफड़ों के बीच में,
आपके ब्रेस्टबोन (स्टर्नम) के पीछे,
थोड़ा बाईं ओर स्थित होता है।


क्या ह्रदय छाती के बीच में स्थित रहता है?

नहीं,
दिल आपके शरीर के थोड़ा सा बाईं ओर स्थित होता है।

यह आपके दाएं और बाएं फेफड़े के बीच स्थित रहता है।
लेकिन, बायां फेफड़ा, दिल के लिए जगह बनाने के लिए थोड़ा छोटा रहता है।


ह्रदय का वजन कितना रहता है?

दिल का औसत वजन
250 से 400 ग्राम के बीच रहता है।

लेकिन, इसकी रेंज 90 to 672 ग्राम है।


नॉर्मल हार्ट रेट अर्थात सामान्य दिल की धड़कन कितनी होती है?

नॉर्मल हार्ट रेट 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच होती है।
अर्थात एक मिनट में हार्ट 60 से 100 बार धड़कता है।

एक सामान्य दिल की दर, आराम की स्तिथि में
80 बीट प्रति मिनट के आसपास रहती है।
लेकिन यह मिनट से मिनट में भिन्न हो सकती है।

आपकी आयु और आपका स्वास्थ्य,
आपकी पल्स रेट को प्रभावित कर सकते हैं।

इसलिए सामान्य नाड़ी की दर,
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकती है।


दिल कितनी तेजी से धड़क रहा है अर्थात हार्ट रेट आसानी से कैसे पता कर सकते है?

पल्स रेट

कलाई पर पल्स देखकर।

आपकी नाड़ी की दर अर्थात पल्स रेट यह दर्शाता है की
आपका हृदय प्रति मिनट कितनी बार धड़कता है।

इसलिए, दिल की धड़कन का यह रेट (60 to 100 beats/min) ,
आप अपनी कलाई पर पल्स देखकर भी पता कर सकते है।

स्टेथोस्कोप

स्टेथोस्कोप नामक एक उपकरण का उपयोग करके भी,
ह्रदय की धड़कन की गति का पता लगा सकते है।

डॉक्टर,
मरीज के छाती पर, ह्रदय के स्थान पर,
स्टेथोस्कोप का फ्लैट डिस्क (डायफ्राम) लगाते हैं,
और ईयरपीस से ह्रदय की धड़कन की गति और
लय यानी की रिधम का पता लगाते है।


एक दिन में दिल कितनी बार धड़कता है?

एक दिन में मानव हृदय लगभग एक लाख बार धड़कता है।

एक मिनट में लगभग 70 बार,
एक घंटे लगभग 4200 बार
और एक दिन में लगभग 100,000 बार दिल धड़कता है।

इस प्रकार शरीर को जीवित रखने के लिए और स्वस्थ रखने के लिए
ह्रदय को निरंतर बहुत काम करना पड़ता है।


दिल धड़कता है अर्थात क्या होता है?

हार्ट की धड़कन क्या है?

ह्रदय निरंतर सिकुड़ता (कॉन्ट्रैक्ट – contract) और
शिथिल (रिलैक्स – relax) होता है।

इस सिकुड़ने और रिलैक्स होने के
एक पूरे चक्र को धड़कन या हार्ट बीट कहते है।

इस प्रकार आराम की स्थिति में दिल,
60 से 100 बार धड़कता है,
यानी की लगभग 80 बार सिकुड़ता है और रिलैक्स होता है।

जब आप व्यायाम करते हैं,
तो यह गति बढ़ जाती है।

हार्ट का सिकुड़ना इसलिए जरूरी है,
ताकि वह रक्त को आगे शरीर में पंप कर सके।

और उसके बाद शिथिल होना इसके लिए जरूरी है,
ताकि शरीर से रक्त फिर से हार्ट में वापस आ जाये।

इसलिए हार्ट जब सिकुड़ता है, तब हार्ट खाली हो जाता है,
और रक्त शरीर में आगे की ओर बढ़ता है।

और जब हार्ट रिलैक्स होता है,
तब हार्ट में रक्त भर जाता है।


हृदय का आकार कैसा होता है?

ह्रदय का आकार एक उल्टे नाशपाती के जैसा होता है।

यह एक मुट्ठी के आकार का अंग है।

बच्चों में एक बंद मुट्ठी के आकार का और
वयस्क में दो मुट्ठी के आकार का होता है।


ह्रदय की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई कितनी रहती है?

ग्रे एनाटॉमी के अनुसार –

हृदय की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई
क्रमशः 12 सेमी, 8.5 सेमी और 6 सेमी होती है।

पुरुषों में हृदय का औसत वजन 280-340 ग्राम और
महिलाओं में 230-280 ग्राम होता है। .

  • Gray’s Anatomy. 39th ed.; 2005. p. 997-1003.

ह्रदय का प्रमुख कार्य क्या है?

हृदय का कार्य

ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त पंप करना,
ताकि शरीर के सभी अंगों में वह पहुँच सके,

और अपशिष्ट उत्पादों और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त को
शरीर के सभी अंगों से खींचकर वापस फेफड़ों में पहुंचाना।


ह्रदय में कितने कक्ष (चेम्बर्स) होते है?

हृदय में चार कक्ष होते हैं जिनमें रक्त प्रवाहित होता है।

ऊपर के 2 कक्षों को एट्रियम (हिंदी में अलिंद)
और निचे के 2 कक्षों को वेंटिकल्स (हिंदी में निलय) कहते है।

ऊपर के 2 चेम्बर्स –
राइट एट्रियम और लेफ्ट एट्रियम
और
निचे के 2 चेम्बर्स –
राइट वेंट्रिकल और लेफ्ट वेंट्रिकल


ह्रदय में इस प्रकार चार चेम्बर्स क्यों है?

जैसा की हमने देखा की ह्रदय में चार कक्ष होते है।

ह्रदय के जो महत्वपूर्ण कार्य है –

शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड युक्त अशुद्ध रक्त को खींचना,
उसे फेफड़ों में रक्त को ऑक्सीजन के लिए भेजना,
फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त को जमा करना
और फिर उस शुद्ध रक्त को शरीर में पंप करना,

ये कार्य, ह्रदय के इन चार चेम्बर्स के जरिये ही होते है।

ह्रदय के प्रत्येक कक्ष में एक वाल्व होता है,
जो रक्त को एक दिशा में प्रवाहित रखता है।

वाल्व के बारे में हम आगे देखेंगे,
अभी हम ह्रदय में चार चेम्बर्स क्यों जरूरी है, यह देखते है।

ह्रदय चार चेम्बर्स में क्यों विभाजित रहता है?

1. शरीर से अशुद्ध, कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त
दाएं एट्रियम में आता है।
(हार्ट शरीर से इस अशुद्ध रक्त को खींचता है)

2. दाएं एट्रियम से रक्त वाल्व से होता हुआ,
दाएं वेंट्रिकल में जाता है।

3. दायां वेंट्रिकल रक्त को फेफड़ों में पंप करता है,
जहां यह ऑक्सीजन ग्रहण करता है और रक्त
ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त बन जाता है।

ऑक्सीजन युक्त रक्त हृदय में वापस लाया जाता है,
जो बाएं एट्रियम में प्रवेश करता हैं।

4. बाएं एट्रियम से रक्त बाएं वेंट्रिकल में प्रवाहित होता है।

5. बायां वेंट्रिकल रक्त को महाधमनी में पंप करता है।

और फिर यह ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त धमनियों से होता हुआ,
शरीर के सभी भागों तक पहुँचता है।

इस प्रकार रक्त का एक ही दिशा में आगे बढ़ना,
वाल्व की वजह से संभव हो पता है।

यदि वाल्व ठीक से काम नहीं करें,
तो या तो रक्त गलत दिशा में पीछे जाने लगेगा
या फिर पर्याप्त रक्त आगे नहीं बढ़ पायेगा।


ह्रदय की दीवार कितनी परतों से बनी रहती है?

ह्रदय की दिवार में 3 परते होती है।

हृदय की दीवार की
बाहरी परत एपिकार्डियम है,
मध्य परत मायोकार्डियम है, और
भीतरी परत एंडोकार्डियम है।

एपिकार्डियम – बाहरी परत।
मायोकार्डियम – मध्य परत।
एंडोकार्डियम – भीतरी परत।

मायोकार्डियम जो की मध्य परत है,
उसमें मांसपेशियां होती है।

इन्ही मांसपेशियों के सुकुड़ने और
रिलैक्स होने की वजह से,
हार्ट सिकुड़ता है और रक्त को शरीर में पंप करता है,
और रिलैक्स होता है, जिससे की रक्त फिर से हार्ट में जमा हो सके।